अरावली पहाड़ियाँ विश्व की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक हैं। यह पर्वतमाला भारत के पश्चिमी और उत्तरी भागों में फैली हुई है और जलवायु संतुलन, जैव विविधता तथा ऐतिहासिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अरावली पहाड़ियाँ थार मरुस्थल के विस्तार को रोकने वाली प्राकृतिक दीवार के रूप में जानी जाती हैं।
अरावली एक नज़र में –
अरावली पहाड़ियों की लंबाई और ऊँचाई
- कुल लंबाई: लगभग 670 किलोमीटर
- औसत ऊँचाई: 300 से 600 मीटर
- सर्वोच्च शिखर: गुरु शिखर (माउंट आबू)
- सर्वोच्च ऊँचाई: लगभग 1,722 मीटर
गुरु शिखर राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित है और अरावली पर्वतमाला का सबसे ऊँचा बिंदु है।
अरावली पहाड़ियाँ किन-किन राज्यों में फैली हैं
अरावली पर्वत श्रृंखला मुख्य रूप से निम्नलिखित राज्यों में फैली हुई है:
1. गुजरात
- बनासकांठा
- साबरकांठा
अरावली का दक्षिण-पश्चिमी विस्तार गुजरात में दिखाई देता है।
2. राजस्थान(सबसे बड़ा हिस्सा)
अरावली का सबसे विस्तृत भाग राजस्थान में स्थित है। प्रमुख जिले:
- सिरोही
- उदयपुर
- राजसमंद
- अजमेर
- भीलवाड़ा
- चित्तौड़गढ़
- जयपुर
- अलवर
- सीकर
3. हरियाणा
- गुरुग्राम
- फरीदाबाद
- नूंह (मेवात)
- महेंद्रगढ़
अरावली पहाड़ियाँ हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
4. दिल्ली
- दक्षिण दिल्ली
- सेंट्रल रिज
- उत्तरी रिज
दिल्ली में अरावली पहाड़ियों को दिल्ली रिज के नाम से जाना जाता है।

अरावली पहाड़ियों का भूगर्भीय महत्व
अरावली पर्वत श्रृंखला लगभग 1.5 अरब वर्ष पुरानी मानी जाती है। यह श्रृंखला प्राचीन फोल्ड माउंटेन है, जो समय के साथ घिसकर कम ऊँचाई वाली हो गई है।
यह क्षेत्र खनिज संसाधनों से समृद्ध है, जिनमें शामिल हैं:
- तांबा
- जस्ता
- संगमरमर
- ग्रेनाइट
पर्यावरण और जलवायु में भूमिका
अरावली पहाड़ियाँ:
- थार मरुस्थल को पूर्व की ओर बढ़ने से रोकती हैं
- मानसूनी पवनों को प्रभावित करती हैं
- वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण में सहायक हैं
- दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता सुधारने में मदद करती हैं
जैव विविधताऔर वन्य जीव
अरावली पहाड़ियाँ शुष्क पर्णपाती वनों का क्षेत्र हैं। यहाँ पाए जाते हैं:
- नीम, खेजड़ी, ढोक, बबूल
- तेंदुआ, सियार, लकड़बग्घा, नीलगाय
- कई पक्षी और सरीसृप प्रजातियाँ
सरिस्का टाइगर रिज़र्व और अन्य अभयारण्य अरावली क्षेत्र में स्थित हैं।
अरावली पहाड़ियों के अन्य नाम (भारत में)
- अरावली पर्वत श्रृंखला – आधिकारिक और शैक्षणिक नाम
- अरावली रेंज (Aravalli Range) – अंग्रेज़ी में प्रचलित नाम
- दिल्ली रिज (Delhi Ridge) – दिल्ली क्षेत्र में अरावली पहाड़ियों को यही नाम दिया गया है
- मेवाड़ की पहाड़ियाँ – राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में स्थानीय रूप से प्रयोग किया जाने वाला नाम
- अलवर की पहाड़ियाँ – अलवर और आसपास के क्षेत्रों में प्रचलित स्थानीय नाम
नोट: “अरावली” नाम संस्कृत शब्द ‘अरावली’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है पहाड़ियों की श्रृंखला।
निष्कर्ष
अरावली पहाड़ियाँ भारत की प्राकृतिक धरोहर हैं, जो लगभग 670 किलोमीटर लंबी और 1,722 मीटर ऊँचे गुरु शिखर के साथ भूगर्भीय, पर्यावरणीय और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह पर्वतमाला गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के कई जिलों में फैली हुई है। अरावली पहाड़ियों का संरक्षण देश के पर्यावरण संतुलन और भविष्य की पीढ़ियों के लिए अनिवार्य है।