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अरावली पहाड़ियाँ: भारत की सबसे प्राचीन पर्वतश्रृंखला

अरावली पहाड़ियाँ: भारत की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला

अरावली पहाड़ियाँ विश्व की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखलाओं में से एक हैं। यह पर्वतमाला भारत के पश्चिमी और उत्तरी भागों में फैली हुई है और जलवायु संतुलन, जैव विविधता तथा ऐतिहासिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अरावली पहाड़ियाँ थार मरुस्थल के विस्तार को रोकने वाली प्राकृतिक दीवार के रूप में जानी जाती हैं।

अरावली पहाड़ियों की लंबाई और ऊँचाई

गुरु शिखर राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित है और अरावली पर्वतमाला का सबसे ऊँचा बिंदु है।

अरावली पहाड़ियाँ किन-किन राज्यों में फैली हैं

अरावली पर्वत श्रृंखला मुख्य रूप से निम्नलिखित राज्यों में फैली हुई है:

1. गुजरात

2. राजस्थान(सबसे बड़ा हिस्सा)

अरावली का सबसे विस्तृत भाग राजस्थान में स्थित है। प्रमुख जिले:

3. हरियाणा

4. दिल्ली

अरावली पहाड़ियों – अरावली पर्वत श्रृंखला: भारत की भूगर्भीय धरोहर

अरावली पहाड़ियों का भूगर्भीय महत्व

अरावली पर्वत श्रृंखला लगभग 1.5 अरब वर्ष पुरानी मानी जाती है। यह श्रृंखला प्राचीन फोल्ड माउंटेन है, जो समय के साथ घिसकर कम ऊँचाई वाली हो गई है।

यह क्षेत्र खनिज संसाधनों से समृद्ध है, जिनमें शामिल हैं:

पर्यावरण और जलवायु में भूमिका

अरावली पहाड़ियाँ:

जैव विविधताऔर वन्य जीव

अरावली पहाड़ियाँ शुष्क पर्णपाती वनों का क्षेत्र हैं। यहाँ पाए जाते हैं:

सरिस्का टाइगर रिज़र्व और अन्य अभयारण्य अरावली क्षेत्र में स्थित हैं।

अरावली पहाड़ियों के अन्य नाम (भारत में)

नोट: “अरावली” नाम संस्कृत शब्द ‘अरावली’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है पहाड़ियों की श्रृंखला

निष्कर्ष

अरावली पहाड़ियाँ भारत की प्राकृतिक धरोहर हैं, जो लगभग 670 किलोमीटर लंबी और 1,722 मीटर ऊँचे गुरु शिखर के साथ भूगर्भीय, पर्यावरणीय और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यह पर्वतमाला गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के कई जिलों में फैली हुई है। अरावली पहाड़ियों का संरक्षण देश के पर्यावरण संतुलन और भविष्य की पीढ़ियों के लिए अनिवार्य है।

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